रिश्ते फीके पड़ते हैं या हम उन्हें फीका होने देते हैं?
रिश्ते कुछ वक्त के बाद फीके पड़ जाते हैं। पर सच कहूँ तो, मैं इसे एक वहम मानता हूँ। शायद यह मान लेना ही आसान होता है कि …
रिश्ते कुछ वक्त के बाद फीके पड़ जाते हैं। पर सच कहूँ तो, मैं इसे एक वहम मानता हूँ। शायद यह मान लेना ही आसान होता है कि …
पीछे पलट कर जीने की ख्वाहिश कभी-कभी ज़िंदगी की भागदौड़ में हम इतने आगे बढ़ जाते हैं कि पीछे मुड़…
मैं छोड़ आया उसे वहीं “मैं छोड़ आया उसे वहीं” — एक यादों से भरा सफर मैं छोड़ आया उसे वहीं, …
"आँसू वही हैं..." आँसू वही हैं, बस वजहें बदल गईं, कभी यादों से टपकते थे, अब हालातों से बहते हैं। कभी प्या…
वक़्त बदलता है, लोगों की सोच बदलती है, रिश्तों की परिभाषाएँ बदलती हैं, पर मैं... मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ, जहां कभी अपन…
काश वो लम्हा लौट आता... कुछ लम्हे होते हैं जो बीत तो जाते हैं, लेकिन दिल की किसी कोमल तह में हमेशा के लिए बस जाते ह…
घने जंगल के बीच मिट्टी से बने दो कमरों के घर में, जहाँ मैं अपने जीवन साथी के साथ रहता हूँ। कोसों दूर तक एक भी इंसानी बस…