खामोशी और बदलते रिश्ते

कभी-कभी जिंदगी में हम किसी रिश्ते को बहुत सच्चाई से निभाना चाहते हैं। हम अपनी व्यस्तता, अपनी थकान, अपने काम के बीच से भ…

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मेरे पास हर रिश्ता है।

अब मुझे ऐसा लगता है कि समय केवल कैलेंडर के पन्ने नहीं पलटता, वह हमारे भीतर भी बहुत कुछ बदल देता है। दिन बीतते जाते हैं …

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मैं चाहता हूँ कि वह फिर से बोले, जैसे पहले बोला करती थी।

अब मुझे ऐसा लगता है कि समय केवल कैलेंडर के पन्ने नहीं पलटता, वह हमारे भीतर भी बहुत कुछ बदल देता है। खासकर तब, जब हम किस…

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बचपन की यादें

पीछे पलट कर जीने की ख्वाहिश कभी-कभी ज़िंदगी की भागदौड़ में हम इतने आगे बढ़ जाते हैं कि पीछे मुड़…

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वो वहीं रह गई...

मैं छोड़ आया उसे वहीं “मैं छोड़ आया उसे वहीं” — एक यादों से भरा सफर मैं छोड़ आया उसे वहीं, …

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वक़्त बदला है, मैं नहीं,,,

वक़्त बदलता है, लोगों की सोच बदलती है, रिश्तों की परिभाषाएँ बदलती हैं, पर मैं... मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ, जहां कभी अपन…

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काश वो लम्हा लौट आता,,,

काश वो लम्हा लौट आता... कुछ लम्हे होते हैं जो बीत तो जाते हैं, लेकिन दिल की किसी कोमल तह में हमेशा के लिए बस जाते ह…

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गुजरा हुआ जमाना फिर याद आ रहा है, सालेमेटा डैम का वह खूबसूरत सफर ( ग्यारहवां पन्ना )

सितंबर की सुकूनभरी यात्रा: बाइक से जलाशय तक का खूबसूरत सफर सितंबर का महीना था। कई दिनों से कहीं…

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